Rahasya Ki Raat With Akriti

अपराध की शुरुआत बारिश और हल्की हवाओं के बीच शहर में एक बड़े बिजनेसमैन की गाड़ी रोड पर बहुत तेज बहुत तेज स्पीड में सड़क पर दौड़ रही थी। एक अकस्मात एक्सीडेंट उसके अतीत का पर्दा उठाता है, और जीत को एक रहस्यमय हत्या का संकेत मिलता है। जीत के पास जाने पर वह एक चौंकाने वाला राज खोलता है, जो उसके जीवन के अद्भुत और खतरनाक रहस्यों को जुड़ता है। क्या जीत उस आदमी की वजह से हुई हत्या का पता लगा सकेगा, और वह खास चीज कैसे प्राप्त कर चुका था? इस एक्शन-पैक्ड रहस्यमय कथा में जुटें और जीत के साथ उसके अतीत की उजागरी में शामिल हो सिर्फ रहस्य की रात with आकृति ऑडियो पिटारा पर.

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मिशा के जयपुर से बंगलौर आने पर वो पहले अपने बड़े भाई जीत से मिलने गई और उसे अपने साथ बाहर हाल मे ला कर अपनी नई दोस्त मीरा से उसे मिला कर बोली इसने मुझे जयपुर मे बचाया था मिशा की बात सुनकर जीत परेशान हो गया की आखिर ऐसा क्या हुआ की मिशा ये बोल रही है और फिर मिशा ने सारी बात सभी को आराम से बताया की जयपुर मे उसके कालेज के तरफ से हुआ फंक्शन कैंसिल हो गया क्योकि वहा के कालेज के मालिक कै बेटे की मौत हो गई है मिशा इन सब चिजो मे फंस जाती क्योकि वो उसके सामने ही आकर गिर कर तड़प के मर गया फिर मीरा ने उसे बचा लिया मिशा ने जीत को ये बताया की उसे किसी ने मारा था और अगर मीरा नही होती तो इन सब का सीधा शक मिशा पर ही आता और उसे मारा भी बहुत बुरी तरह से था मिशा के मुंह से यह सारी बात सुनकर जीत काफी परेशान था तो आखिर किसने किया था उसे इंसान का मर्डर और क्या यह मर्डर भी पहले वाले मर्डर से जुड़ा हुआ था क्या जीत को इन सब का पता चल भी पायेगा कभी
अगली सुबह जीत की आँख हास्पिटल मे खुली तब उसके पास मीरा को छोड़कर उसके परिवार के सभी लोग थे पर जीत ने सबसे पहले मीरा के बारे में पूछा क्योंकि पिछली रात जब उसका एक्सीडेंट हुआ था तब उसके साथ सिर्फ मीरा ही थी पर उसके परिवार के लोगों ने उसे बताया कि वह अपनी चोटों का इलाज कराने डॉक्टर के पास गई हुई है वापस आकर जीत और मीरा कुछ बातें की और फिर मीरा कमरे से बाहर चली गई और दोनो अपने कमरे मे आराम कर रहे थे उसके परिवार से मीरा को कोई मिलने नही आया ये बात दादू को बहुत लगी तो उससे मिलने चले गये और उससे इस बारे मे पुछ लिया पर उसकी बात सुनकर दादु को बहुत बुरा लगा फिर दादु ने मीरा की दोस्त को फोन कर दिया और उसे आराम करने का बोल कर वहा से चले गये फिर बाकी सभी लोग जीत और मीरा को लेकर घर आ गये ताकी वो जीत की देखभाल और अच्छे से कर पाए तो आखिर कौन है मीरा की दोस्त और क्या वो मीरा से मिलने जीत के घर आएगी ?
पुलिस वालो के लिए मीरा अब एक रहस्य की तरह थी जिसका ना तो वो फोन एक्सेस कर पा रहे थे ना कोई डिटेल पता कर पा रहे थे ना ही उसका कोई सोशल मीडिया आकाउनट था और ये सब अजीब हो भी क्यो ना आखिर सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर आज कल सब होते है और किसी के भी बारे मे आसानी से पता किया जा सकता है आजकल इतने ज्यादा विकल्प जो है पर ये लड़की तो कही नही थी जैसे किसी ने बहुत चालाकी से उसका अतीत मिटा दिया हो एकदम नयी पहचान ना ज्यादा दोस्त ना जानने वाले आखिर कोई ऐसे कैसे रह सकता है या फिर कोई सोची समझी चाल की उसका अतीत कही छुपा दिया हो और बिना सबूत उसे कस्टडी मे नही ले सकते थे और पुलिस वाले खुद पर बढ़ते दबाव को भी लेकर परेशान हो गये थे जीत को ये सब सुनकर लगा की मीरा बहुत शांत लड़की है फिर भी जीत मीरा के बारे मे पता करना चाहता था इसलिए उसने दादु के दोस्त को फोन किया और उसे मीरा के बारे मे पता करने को कहा पुलिस और जीत दोनो अपने तरफ से पुरी कोशिश कर रहे थे की कुछ पता चल जाये पर मीरा रोज की तरह अपने कामो मे लगी थी इन सारी चीजो से मीरा को कोई फर्क नही पड़ रहा था दादु के दोस्त से ये सुनने के बाद की वो जर्नल शेखावत के घर जाने वाले है जीत के मन मे बहुत कुछ चल रहा था आफिस मे बहुत देर तक काम करने के बाद जीत ने मीरा को घर छोड़ने के लिए कहा और दोनो साथ मे घर के लिए निकल गए पर क्या दोनो सुरक्षित घर पहुंच पाएगे और आखिर क्या पता चलेगा दादु के दोस्त को ?
मिशा मीरा और जीत से पूछताछ करने के बाद पुलिस को इन तीनो पर थोड़ा शक हो रहा था इसलिए तीनो को बिना कुछ बोलकर वहां से जाने के लिए कह दिया और उनके फोन को ट्रैप करने को कहा गया पुलिस उन तीनों के फोन को ट्रैप कर रही थी पर धीरे-धीरे पूरी टीम को पता चला कि वह जीत और मिशा के फोन को तो ट्रैप कर पा रहे हैं पर वह मीरा के फोन को ट्रैप नहीं कर पा रहे हैं वह जब भी उसके फोन को एक्सेस करते हैं तो वह 2 मिनट में ही उसके फोन को एक्सेस को खो देते हैं यह सब उनके लिए काफी अजीब था और कुछ देर काम करने के बाद उन्होंने जीत के फोन का भी एक्सेस खो दिया कुछ देर बाद तीसरे नंबर के साथ भी यही हुआ की बात पुलिस के लिए काफी अजीब थी इतना बड़ा साइबर सिस्टम होने के बाद भी वह किसी तीन नंबर को ट्रैप नहीं कर पा रहे थे ना तो उनकी डिटेल निकाल पा रहे थे पुलिस ने मीरा को एक फोन किया सिर्फ यह जानने के लिए की क्या उन्हें इस फोन की डिटेल मिलती है पर उन्हें उस फोन की कोई डिटेल ही नहीं मिली पर यह से चीज उन्होंने बाकी दो नंबर्स पर आजमाएं उन्हें जीत के फोन की तो सारी डिटेल मिली और उसकी बहन की भी पर उन्हें मीरा के फोन की कोई डिटेल नहीं मिली और यह सारी चीज अब उसे और इस केस में फंसा रही थी और पुलिस के पूरे साइबर सिस्टम हैक हो चुका था जिसे उन्हें ठीक करने में काफी टाइम लग गया और अब उसने इस बात का यकीन था कि कोई और भी है जो इस केस पर बहुत बारीकी से काम कर रहा है जो या तो मीरा से जुड़ा हुआ है या मीरा उसके बारे में कुछ जानती है जो उन्हें बाता नहीं रही और इधर जीत को मीरा की उसे दोस्त पर शक हो रहा था जो की उसके पास उसे दिन ऑफिस के नीचे खड़ी थी उसे लग रहा था कि यह वही लड़की है जो उसके पास खत वह गिफ्ट और अश्वि की कुछ डिटेल्स छोड़कर गई थी पर कैसे और किस तरह से जीत अब इन सारी चीजों का पता लगाएगी और क्या पुलिस इस केस को सुलझा पायेगी या मीरा बारे में कुछ और चीज पता लग पाएगी और क्या अश्वी के बारे में जीत को पता चल पाएगा
दिल्ली और जयपुर दोनों जगह हुए मर्डर केस को पुलिस एक दूसरे से जोड़ तो रही थी पर अभी उसे इस बात पर संदेह कर रहे थे वह इस बात पर कोई खास निर्णय नहीं ले पाए थे क्योंकि पहले हुए दोनों मर्डर केस में उन्हें पर्ची मिली थी वह जयपुर में वह मर्डर केस में नहीं मिली थी पर तीनों मर्डर केस पर जितने भी चाकू के निशान थे और जितने भी ऊपरी ऊपरी घाव एक जैसे थे और उधर जीत विक्रम के पिता को एक जैकेट मिला जिसमें उन्हें वह सिम पर्ची मिले जिस पर सुकून लिखा हुआ था पर उन्हें यह बात समझ नहीं आई पर फिर उन्होंने यह बात पुलिस को बताई और पुलिस ने कंफर्म कर दिया कि तीनों मडर केसेस किसी एक ही इंसान ने किए हैं जो कि शायद बहुत सरफिरा या पागल सा है आखिर क्यों कोई किसी को मारेगा और उसे इस तरह का कोई पर्ची लिखकर देगा आखिर इस शब्द का तीनों मर्डर केस से क्या संबंध था पुलिस के लिए यह बात समझने अब और भी मुश्किल होता जा रहा था इधर डॉक्टर सिंह नाम बाकी दोनों बॉडी मिलने के बाद उनकी जांच की और पुलिस वालों को बताया कि इन दोनों बॉडी में भी वही केमिकल इस्तेमाल हुआ है पर कोई किसी को इतनी बुरी तरह से क्यों मारेगी पर पुलिस के पास मिशा मीरा और जीत से पूछताछ करने के अलावा कुछ और नहीं बचा था पुलिस ने तीनों को वहां बुलाया उन तीनों ने जयपुर पहुंचकर एक दूसरे से मिले कर और मीरा ने मिशा को ठीक से समझा दिया था कि उसे क्या और कैसे बोलना है और मिशा भी यह जानती थी कि अगर उसने थोड़ी सी भी गलती की तो वो इस केस में बहुत बुरा फंस जाएगी पर इन तीनों के वहां पहुंचते ही इन्हें एक साथ देखकर तो पुलिस वाले ही दंग रह गए थे क्योंकि यही तीनों वह लोग थे जिन्होंने पहली और आखिरी बॉडी सबसे पहले देखी थी तो अब क्या पुलिस वालों का इन तीनो पर शक और गहरा हो जाएगा और आखिर कौन है जो इन तीनों के अलावा उसे मर्डर केस को जानता है और क्यों कोई किसी को इतनी बुरी तरह से मारेगा आखिर ऐसा क्या किया था इन लोगों ने क्या पुलिस इस बात का पता लग पाएगी
इधर जयपुर में डॉक्टर की टीम ने विक्रम की बॉडी की जांच करनी शुरू कर दी थी बहुत देर तक उसकी बॉडी की जांच करने के बाद भी उन्हें कुछ खास नहीं मिला तब डॉक्टर की टीम के हेड डॉक्टर सिंह ने एक ब्रेक लेने का सोचा और उन्होंने थोड़ी देर अपने कंप्यूटर पर कुछ यह सर्च किया और कुछ देर बाद उन्होंने और फिर उन्हें कुछ ऐसा मिला जो किसी और को समझना थोड़ा मुश्किल था जब उन्होंने पुलिस वालों से बातचीत की उन्हे कुछ ऐसा मिला है इस आदमी का इम्यून सिस्टम पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है उसके बाल जो की बहुत ज्यादा टूट चुके थे और उसका बॉडी की स्किन भी काफी खराब हो चुकी थी यह सब किसी खास और रेयर तरह के केमिकल की वजह से हो रहा था और यह सारी बातें सुनकर पुलिस की टीम जो पहले से ही परेशान थी अब और इस केस में फंस गई थी डॉक्टर सिंह ने उसे बताया यह कितना रेयर केमिकल है जो शायद हमारे देश में मिलना भी इतना आसान नहीं है और पुलिस वालों ने जितना विक्रम के बारे में सुना था उन्हें कुछ ऐसा पता नहीं चला था जिसकी वजह से कोई उसे इतनी बुरी तरह से मार दे और फिर अभी उन पर पहले के दो केस का भी भार था और वह जितना जल्दी से जल्दी इसके इसको सॉल्व कर देते हैं उतना उनके लिए अच्छा होता और अभी पुलिस को दिल्ली में हुए दोनों मर्डर केस का भी जांच करना था और अभी तक उन्हें विक्रम की बॉडी में लगे उसे चाकू कभी कहीं पर खबर नहीं थी और वह मिलता भी कैसे उसे तो मीरा अपने साथ ले गई थी पर अब शायद यह इतना आसान नहीं था तो आखिर कौन से केमिकल्स थे और क्यों विक्रम का खून किसी ने इतने बुरे तरीके से किया था और इन सब चीजों से जीत का क्या लेना देना था और क्या मीरा भी इस केस से जुड़ी हुई थी
मीरा अपने कामों में बिजी थी और उधर जीत भी अपने कामों में लगा हुआ था और उधर कंपनी के बाकी लोग उससे बहुत कायदे से पेश आ रहे थे क्योंकि किसी को भी अपनी नौकरी नहीं गवानी थी और इस बात का सबसे अच्छा उदाहरण उन्होंने सुबह ही देखा था शाम को जीत ने मीरा के कामों से फ्री होने के बाद उसे पूछा कि क्या हुआ उसे घर छोड़ दे पर मेरा नहीं इस बात से मना कर दिया उसने कहा कि वह अपनी एक दोस्त के साथ चली जाएगी उधर जीत को लगाया कि अब अपना ध्यान रख सकती है तो उसने अपने कुछ काम कुछ फाइल्स को देखा और वह अपनी ऑफिस से उतर कर अपने घर जाने के लिए तैयार किया था पर तभी उसकी नजर मीरा पर पड़ी जो ऑफिस के बाहर किसी लड़की से बात कर रही थी उसे लड़की ने जींस और हुडी डाली हुई थी जिसकी वजह से उसका चेहरा पूरी तरह से ढका हुआ था जीत उसे लड़की को देखते ही काफी परेशान हो गया था उसे लगा कि वही लड़की है जो उसे पहली बार मिली थी जिसे उसके गाड़ी में वह किताबें रखी थी पर जब तक जीत मीरा के पास जाता है वह अपनी दोस्त के कार मे उसके साथ बैठकर वहां से चली गई थी जीत अपने घर जा रहा था तभी उसे रास्ते में वह दो पुलिस ऑफिसर दिखे जो पहले हुए दो मर्डर केस पर काम कर रहे थे जीत ने अपनी कार को रोका और उनसे बात करने के लिए आगे चला गया जीत को देखकर और उससे कुछ बातें करने के बाद उस ऑफिसर ने जीत को जयपुर में हुए मर्डर केस के बारे में पूछा जीत ये सब सुनकर परेशान हो गया था क्योंकि उसके इसमें जीत की बहन भी फंस सकते थे पर वह सारी चीजों के बारे में और जानना भी चाहता था उस पुलिस वालों ने बताया कि वह मर्डर भी इस मर्डर से जुड़ा हुआ है और अब उसे मर्डर की जांच दोबारा से की जाएगी क्योंकि वह आदमी जो तीसरा मर्डर है जो जयपुर में हुआ था काफी बड़ा आदमी और उसकी पहचान भी की जा चुकी है और क्या डाॅ कुछ ऐसा बता पाएगे जिससे इसके एक नई कड़ी सामने आएगी और क्या जीत इन सारी चीजों में अपनी अश्वी को खोज पाएगा या उसे मिस्ट्री गर्ल को
अगले दिन जीत अपने ऑफिस पहुंच चुका था अभी अपने सारे कामों को देखना शुरू ही कर रहा था तभी उसकी मिशा का कॉल आया जिसमें मिशा जीत को मीरा का खास ध्यान रखने के लिए कहा क्योंकि वह चाहती थी कि अगर मीरा उसके ऑफिस में काम कर रही है तो उसे किसी बात की तकलीफ नहीं होनी चाहिए जीत ने भी उसकी चिंता समझते हुए उसे कहा कि उसे टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है वह खुद मीरा का ध्यान रखेगा तब अचानक उसके कानों में किसी की चिल्लाने की आवाज आई अपने ऑफिस से ऑफिस से बाहर निकाल कर यह देखना चाहता था की आवाज कैसी है और इधर मीरा ने अपने ऑफिस में एंट्री तो की पर उसके दिन की शुरुआत कुछ खास अच्छी नहीं हुई इतनी सुंदर लड़की को देखकर कोई उसे फ्लर्ट करने की कोशिश कर रहा था पर मीरा ने उसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई तो उसे लगा कि उसके इंसल्ट हो रही है और उसने मीरा को बहुत कुछ बोल दिया उसने उसका हाथ कस के पकड़ रखा था मीरा ने अपने हाथ छुड़ाने के लिए अपने एक हाथ से उसे पीछे उसे हटाना चाहा पर तभी अक्षत ने गुस्से में मीरा को पीछे की तरफ धक्का दे दिए इससे पहले की मीरा नीचे गिरती जीत ने उसे पकड़ लिया और उसे गिरने से बचा लिया मीरा की नजर जैसे ही जीत पर पड़ी उसने उसे थैंक्स बोलते हुए खुद को सीधा कर लिया पर इससे पहले की अक्षत कुछ बोलता है जीत ने आगे बढ़ाकर उसे ज़ोर का थप्पड़ मार दिया इस बात से अक्षत बहुत नाराज हुआ पर वह कुछ कर नहीं सकता था क्योंकि जीत उसे कंपनी का मालिक था उसने रिसेप्शन पर खड़ी लड़की से अक्षत के सारे सैलरी देखकर उसे कंपनी से निकाल देने को कहा की बात बाकी लोगों को कुछ समझ नहीं आई कि मेरा एक लड़की के लिए जो कि शायद उसे कंपनी की एम्पलाई भी नहीं थी जीत ने किसी को थप्पड़ तक मार और उसे कंपनी से बाहर निकाल निकाल दिया और अक्षत क्या वह इस बात से शांत बैठेगा कि उसे एक झटके में अपनी नौकरी करवानी पड़ी वह भी एक मामूली सी लड़की के लिए और मीरा का क्या जिसने पहले दिन की शुरुआत ऐसी देखी थी उसका अब आगे इस ऑफिस में क्या होगा
अपने कमरे में आने के बाद मीरा ने दोबारा से अपनी सारी पैकिंग शुरू कर दी थी तभी उसके हाथ से उसके एक नाॅवेल बेड पर गिर गई जिसे उठाते हुए मिशा ने उससे सवाल किया कि क्या उसे किताबें पढ़ना बहुत पसंद है जिस पर मीरा बोली की जगह मैं खाली होती हूं तो किताबें पढ़ लेती हूं मैं सारे सामान को पैक करने के बाद वह नीचे आ गई जहां जीत और वह दिल्ली के लिए निकलने वाले थे तभी दादू के दोस्त ने मीरा की तरफ देखा और बोला कि चलो इस बार का मिलना तो जरूर याद रखेंगे पर उनके बात सुनकर जीत मीरा को देखते हुए उनसे बोला कि इस बार का मिलन मतलब आप दोनों पहले भी मिल चुके हैं क्योंकि जब वह वहां आया तो मेरा अपने कमरे में थी और उसे सुबह की सारी बातें उसे पता नहीं थी दादू के दोस्त ने भी उससे कहा कि हां शायद पहले मिला हूं पर हम दोनों को याद नहीं आ रहा इतना सुनकर जीत और मीरा अगले दिन से ऑफिस ज्वाइन करने का कह कर वहां से चली गई और वह अपने फोन पर किसी से बात कर रही थी तभी अचानक जीत उसके पास गया और मीरा ने जल्दबाजी मे अपना फोन काट दिया आखिर क्यों मीरा इतनी परेशान हो गई थी क्या वह जीत से कुछ छुपा रही थी या फिर वह सब से ही कुछ छुपा रही थी और क्या दादू अपने दोस्त की बात सुनकर मीरा के बारे में कुछ और जानने की कोशिश करेंगे
अगले दिन सुबह मीरा मिशा से पहले उठ गई थी पर आज वह ना तो अपने कमरे में थी और नहीं उसे कमरे में अकेले थी इसलिए वह निशा को बिना डिस्टर्ब किया बाहर बैठ गई और कुछ फूलों को देखने लगी तभी जीत के डाइट जो ऑफिस जा रहे थे उन्होंने नीचे से मीरा को बालकनी में बैठे हुए देखा और जीत की मां को अंदर जाकर मीरा के पास जाने के लिए कह दिया और वह उसके पास चली गई मीरा और मिशा को बाहर आने का बोलकर वह नीचे आ गई जब मीरा मिशा के साथ नीचे आई तो वह जीत के साथ बैठकर न्यूज़ पर जयपुर में हुई घटना के बारे में सुन रही थी पुलिस उसे केस को लेकर काफी परेशान थे पर मीरा और जीत को तो उसे दिन दिल्ली के लिए भी निकलना था इसलिए नाश्ता करने के बाद जीत ने मीरा को दोपहर तक तैयार होने के लिए कह कर अपने ऑफिस के लिए चला गया और मेरा अपने सामान को पैक करने रूम में चली गई हमेशा के काफी जिद करने पर भी मीरा वहां और रुकने के लिए तैयार नहीं हुई और अपना सामान रखने के बाद वह नीचे आई तभी वहां दादू के एक दोस्त जो की आर्मी से रिटायर थे मीरा से मिले और उन्हें न जाने क्यों पर ऐसा लग रहा था जैसे वह मीरा को पहले से जानते हैं पर उनके यह बात बोलने पर मीरा काफी अजीब तरीके से व्यवहार कर रही थी यह बात तो मिशा को भी समझ नहीं आई कि आखिर मीरा ऐसा कर क्यों रही है उसने मिशा को यह कहा कि वह बार-बार पूछ रहे हैं और परेशान हो रहे हैं शायद इसलिए उसने उन्हें मना कर दिया क्या होगा दिल्ली में क्या जीत इस मर्डर के बारे में और सारी बाते जान पाएगा और क्या दादू के दोस्त को यह याद आएगी कि वह मीरा को कब और कहां मिले थे क्या जीत और उसके दादाजी के दोस्त दोनों का मीरा के बारे में सोचना सही था क्या वो जैसी दिख रही थी वैसे थी नहीं
मीरा ने मिशा से ये बात की अब तुम घर हो और डरने की भी कोई बात नहीं है तो अब वहां से जाना चाहती थी उसने उसे कहा कि उसे दिल्ली के लिए निकलना है जहां उसे कुछ काम है और अब मिशा को भी किसी चीज का डर नहीं था क्योंकि वह अपने घर पर थी पर भी मीरा को वहां से जाने नहीं देना चाहता था उसका मिशा को बचाना उन सभी पर बहुत बड़ा एहसान हो गया था मेरा से जीत के डैड ने कुछ देर तक बात की उसे सारी डिटेल्स ली और उसे अपनी कंपनी में जॉब ऑफर की पर पहले मीरा इस बात से मना कर दिया पर जीत के और उसके डैड के थोड़ा मनाने पर वो जाॅब के लिए हो गई थी और इसके बाद उसने यह डिसाइड किया कि वह उसे दिन वही उनके घर पर रुकेगी और अगले दिन जीत के साथ ही दिल्ली चली जाएगी जीत भी मीरा को अपनी कंपनी में जॉब तो दे रहा था पर उसे अभी उसे पर इतना यकीन नहीं था उसे बात समझ नहीं आ रही थी कोई भी ऐसी परिस्थिती में कैसे किसी और की मदद कर सकता है और खुद इतना शांत रह सकता है कि वह अपने बारे में ना सोचे और खुद को किसी चीज में फंसा दे वह भी किसी अनजान के लिए जीत को अभी यह लग रहा था की मीरा जैसे दिख रही है शायद वह वैसी है नहीं तो क्या होगा जब मीरा जीत के साथ काम करेगी और क्या जीत इन तीनों मर्डर के बारे में और भी सारी चीज पता कर पाएगा और क्या वह अपनी बहन को इन सब चीजों से बाहर निकल पाएगा
बारिश और हल्की हवाओं के बीच शहर में दौड़ती गाड़ियों में शहर के बड़े बिजनेसमैन की गाड़ी रोड पर बहुत तेज बहुत तेज स्पीड में सड़क पर दौड़ रही थी अचानक उसकी कार से किसी का एक्सीडेंट हो जाता है कार से बाहर आने पर उसे अंदाजा हो जाता है कि शायद यह सिर्फ एक एक्सीडेंट नही नहीं था एक ब बहुत ही निर्दय तरीके से की गई हत्या थी पर उसके पास जाने पर जीत उसके अतीत से जुड़ा कुछ मिल जाता है जिसे वह काफी परेशान हो जाता है तू क्या जीत को उसे आदमी को पता चल पाएगा और कैसे उसकी इतनी खास चीज उसे आदमी के पास थी?
जीत ने अपने दादु से अश्वी के बारे में कुछ बातें की और फिर वह अपने कमरे में आ गया वहां उसने अश्वी की तस्वीरों को देख ही रहा था और अचानक उसके दरवाजे पर किसी की दस्तक की आवाज सुन कर जीत ने अश्वी की तस्वीर को छुपा दिया और दरवाजे की तरफ चला गया सामने उसका उसका भाई वेद खड़ा था जो अपने बड़े भाई को देखकर बहुत खुश था पर उससे नाराज भी था एक तो इस बात से कि उसने उसे बताया नहीं था आने से पहले और दूसरा जो अगले दिन ही वापस जाने वाला था पहले तो उसे ये बात समझ में नहीं आई कि आखिर क्यों जीत वापस जाना चाहता था पर फिर उसे लगा कि शायद जीत को कोई लड़की पसंद है जिसकी वजह से वह वहां से वापस जाना चाहता है वेद कोई बात सुनकर काफी खुशी हो रही थी और वह इस बात से उत्सुक भी था कि उसे यह बात अपने घर वालों को भी बता देना चाहिए पर वेद कैसे परिवार को देखकर जीत ने उसे खींच कर बैठ कर बैठे हुए उसे चुप कर दिया और उसे अपने आप से सोचा हुआ कुछ भी घर वालों को बताने से मना कर दिया और उसे अपनी बहन मिशा के बारे में पूछने लगा पर वेद को इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि मिशा है कहां तभी कमरे में उसकी छोटी मां जाती हैं जो उसे बताती हैं की मिशा जयपुर गई हुई थी उसके कॉलेज के किसी फंक्शन की तरफ से पर अब फंक्शन कैंसिल हो चुका है तो वह वापस आ रही है अपनी मां के मुंह से जयपुर का नाम सुनते ही जीत परेशान हो गया और खासतौर पर यह कि उसकी बहन जयपुर में थी और आखिर क्या हुआ था जिसकी वजह से वह वापस आ रही थी जीत ने उससे पूछा जितने वेद की तरफ गुस्से में देखा और उसे इस बात के लिए डांटे हुए कि उससे बात की खबर नहीं थी कि मिशा जयपुर गई हुई थी वह अपनी मां से उसके बारे में और पूछने लगा तो आखिर क्या हुआ था जयपुर में जिसकी वजह से मिशा वापस आ रही थी और क्यों कैंसिल हुआ था उसके कॉलेज का फंक्शन?
जीत अपने शहर वापस तो चला गया था पर उसके मन मे अभी भी कुछ चीजों को लेकर बेचैनी सी थी वह अपने घर वापस गया अपने दादा से मिला और उनसे थोड़ी देर बात करने के बाद अपनी सारी फैमिली मेंबर से मिलने के बाद उन्होंने वापस जाने की बात करने के लिए उनके कमरे में गया पहली बार जित ने किसी और को अपने अलावा अश्वी के बारे में बताया था और दादा को यह भी बताया कि वह उसकी पसंद करता था पर वह लड़की कहीं गायब से हो गई थी पर कहां गई वो लड़की कैसे गायब हो गई और क्या जीत उसे दोबारा खोज पाएगा?
जीत के इस अजीब बर्ताव से पुलिस वालों को भी अब उसे पर शक होने लगा था और इधर जीत को यह सब सुनकर और दूसरे मर्डर की जानकारी मिलने के बाद हुई डिसाइड ही नहीं कर पा रहा था कि क्या यह पहले वाली की तरह इस लड़की के लिए किया है यह किसी और ने और फिर उसके पास उसके डैड का कॉल आता है जो अपने शहर वापस बुलाना चाहते हैं और जब वह उनकी बात नहीं सुनते तो उसके पास उसके दादाजी को कॉल आता है जिन्हें वह मन नहीं कर पाता है | तो क्या जीत ये शहर छोड़कर चला जायेगा ? और क्या वो वापस आयेगा?
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